ग्वालियर, मध्य प्रदेश/18 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। घटना के बाद पुलिस महकमे में कार्रवाई करते हुए झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को पद से हटा दिया गया है। वहीं, तीन थाना प्रभारियों समेत कुल नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की भी घोषणा की है।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और ड्यूटी के दौरान जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक कार्रवाई के साथ घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
ग्वालियर हादसे के बाद CM मोहन यादव का एक्शन, पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज
शीतला माता मंदिर के पास हुए हादसे के बाद पुलिस व्यवस्था में लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को उनके पद से हटा दिया गया है। इसके अलावा नौ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में ये नाम शामिल हैं:
- शक्ति सिंह यादव — झांसी रोड थाना प्रभारी
- गीतेश शर्मा — आंतरी थाना प्रभारी
- अभिषेक रघुवंशी — झांसी रोड ट्रैफिक थाना प्रभारी
- राघवेंद्र जादौन — यातायात निरीक्षक
- सुशील द्विवेदी — प्रधान आरक्षक
- किशन खन्ना — आरक्षक
- अनिल जैतपुरिया — आरक्षक
- पवन सेंगर — आरक्षक
नोट: उपलब्ध विवरण में कुल नौ पुलिसकर्मियों के निलंबन की बात कही गई है, लेकिन ऊपर केवल आठ नाम दिए गए हैं। प्रकाशन से पहले नौवें पुलिसकर्मी का नाम और संबंधित आदेश की पुष्टि करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रत्येक मृतक के परिजन को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इसके अलावा घायलों के लिए भी सहायता राशि निर्धारित की गई है:
- मृतकों के परिजनों को: 4-4 लाख रुपये
- गंभीर रूप से घायलों को: 2-2 लाख रुपये
- अन्य घायलों को: 50-50 हजार रुपये
इस सहायता का उद्देश्य हादसे से प्रभावित परिवारों को मुश्किल समय में आर्थिक संबल देना है। हालांकि, आर्थिक मदद के साथ प्रभावित लोगों को समय पर उपचार और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्रशासन की अहम जिम्मेदारी होगी।
घायलों का मुफ्त इलाज, मंत्रियों को ग्वालियर पहुंचने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि हादसे में घायल सभी लोगों का अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाए। सरकार के अनुसार, प्रभावित परिवार मुख्य रूप से ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिलों के बताए जा रहे हैं।
राहत कार्यों की निगरानी और मौके पर हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री ने मंत्री एदल सिंह कंषाना और मंत्री राकेश शुक्ला को तत्काल ग्वालियर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
दोनों मंत्रियों को मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करने और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने से जुड़े कार्यों की निगरानी करनी है। हादसे के बाद प्रशासन की प्राथमिकता घायलों के उपचार और पीड़ित परिवारों को जरूरी मदद उपलब्ध कराने की है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
ग्वालियर की इस घटना के बाद सरकार की ओर से की गई कार्रवाई ने सड़क सुरक्षा, पुलिस की जवाबदेही और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि हादसे के कारणों की जांच हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।











