नई दिल्ली/5 जुलाई 2026: देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। इसके असर से उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है। कई इलाकों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं, जबकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर समेत 20 राज्यों के लिए तेज बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मध्य और उत्तर भारत में मानसून का असर और तेज बना रहेगा।
गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गईं, यातायात बाधित हुआ और राहत एवं बचाव दलों को भी सक्रिय होना पड़ा।
गुजरात से उत्तर प्रदेश तक बारिश का कहर, कई जगह बचाव अभियान चलाना पड़ा
गुजरात में शुक्रवार रात से शुरू हुई तेज बारिश ने कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। मेंडरडा क्षेत्र के समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में चार वाहन फंस गए, जिनमें सवार 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
महाराष्ट्र के भिवंडी में बाजार क्षेत्र में करीब तीन फीट तक पानी भर जाने से दुकानें बंद करनी पड़ीं। लोग कमर तक पानी में उतरकर सड़क पार करते दिखाई दिए। वहीं राजस्थान की राजधानी जयपुर में भारी बारिश के बाद सवाई मानसिंह अस्पताल के माइनर ऑपरेशन थिएटर में पानी भर गया, जिसके चलते मरीजों को दूसरे वार्ड में स्थानांतरित करना पड़ा।
मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर समेत 26 से अधिक जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। उज्जैन में दो दिन पहले पुलिया पार करते समय बह गए पंचायत सहायक का शव भी बरामद कर लिया गया। उत्तर प्रदेश के करीब 20 जिलों में बारिश हुई, जबकि कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में जलभराव के कारण कारें और बाइक आधी तक पानी में डूब गईं।
जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भूस्खलन, हिमाचल में सड़क बहने से यात्रा रुकी
जम्मू-कश्मीर के रामनगर-उधमपुर मार्ग पर कौघा के पास भूस्खलन होने से सड़क पर बड़े पत्थर और मलबा आ गया, जिसके बाद मार्ग अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।
उत्तराखंड की केदारघाटी में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे कार्य कर रही एक जेसीबी और उसके दो कर्मचारी तेज बहाव में फंस गए। एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम ने समय रहते दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
हिमाचल प्रदेश के लाहौल क्षेत्र में उफनाए चोखंग नाले ने मूरिंग-नैनगार सड़क का करीब 200 मीटर हिस्सा बहा दिया, जिससे प्रसिद्ध नीलकंठ झील यात्रा रोकनी पड़ी। रामपुर क्षेत्र में अस्थायी पुल बहने से कई पंचायतों का संपर्क टूट गया, जबकि कुल्लू में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण राफ्टिंग गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी गई।
20 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
Monsoon Update के तहत मौसम विभाग ने रविवार के लिए देश के 20 राज्यों में तेज बारिश, आंधी और तूफान की चेतावनी जारी की है। अलर्ट वाले राज्यों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा समेत कई अन्य राज्य शामिल हैं। विभाग ने कुछ इलाकों में 61 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के शेष हिस्सों तक और आगे बढ़ेगा। वहीं मध्य भारत में अगले चार से पांच दिनों तक मानसून सक्रिय रहने के संकेत हैं।
दिल्ली-एनसीआर में यलो अलर्ट, आज भी बारिश के आसार
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को हुई बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और सुबह के समय हवा में नमी का स्तर 77 प्रतिशत दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने रविवार के लिए दिल्ली-एनसीआर में यलो अलर्ट जारी करते हुए हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह भी दी गई है।
मुंबई में रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद और उड़ानों पर भी असर
मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने एहतियात के तौर पर स्कूलों और कॉलेजों के दोपहर के सत्र बंद रखने का निर्णय लिया है। मौसम विभाग ने शहर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और नागरिकों से केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
भारी बारिश का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण मुंबई आने वाली पांच उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। इनमें इंडिगो की तीन और एअर इंडिया की दो उड़ानें शामिल थीं। इसके अलावा 17 अन्य विमानों ने भी मौसम की स्थिति को देखते हुए अपने मार्ग में बदलाव किया।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी चेतावनियों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।











