लखनऊ/22 अक्टूबर 2026। शिवा शर्मा हत्याकांड में गिरफ्तार श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों आरोपियों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इससे पहले तीनों का सिविल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया और पुलिस ने उनसे हजरतगंज थाने में करीब छह घंटे तक पूछताछ की। जांच एजेंसियां अब शिवा की मौत की परिस्थितियों, आरोपियों की कथित फरारी और घटना के बाद की गतिविधियों से जुड़े सवालों के जवाब तलाश रही हैं।
इस मामले में श्रद्धा दुबे की गतिविधियां भी चर्चा में रहीं। अस्पताल से निकलकर पुलिस वैन में बैठते समय उसने हाथ जोड़ लिए। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस से अपने वकील से बात कराने को कहा। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
शिवा शर्मा हत्याकांड: छह घंटे तक चली पूछताछ
पुलिस और जांच एजेंसियों ने गुरुवार सुबह करीब 10 बजे से श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश से पूछताछ शुरू की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ क्राइम ब्रांच की टीमें तीनों को हजरतगंज थाने लेकर पहुंची थीं। पूछताछ के दौरान तीनों को अलग-अलग कमरों में रखा गया और उनसे अलग-अलग सवाल किए गए।
जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि घटना वाले दिन शिवा शर्मा के साथ आखिर क्या हुआ था। पुलिस यह भी जानना चाहती है कि शिवा को अस्पताल कब ले जाया गया, उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और उस समय श्रद्धा तथा उसके साथ मौजूद अन्य लोग कहां थे।
पुलिस के सामने इन सवालों के जवाब महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि घटना के समय की गतिविधियों और उसके बाद के घटनाक्रम को जोड़कर ही मामले की कड़ियों को स्पष्ट किया जा सकता है।
चार मोबाइल फोन और नकदी मिलने की जानकारी
जांच से जुड़े विवरणों के मुताबिक, तीनों आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और नकदी बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस इन फोन की जांच के जरिए कॉल रिकॉर्ड, संपर्कों और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर सकती है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि शिवा की मौत के बाद श्रद्धा ने लखनऊ क्यों छोड़ा और नेपाल कैसे पहुंची। फरारी के दौरान उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या किसी ने उसे मदद पहुंचाई, इन सवालों की भी जांच की जा रही है।
मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी, अन्य साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों का मिलान जांच में अहम हो सकता है। हालांकि, बरामदगी से जुड़े सभी विवरणों और उनकी कानूनी अहमियत की पुष्टि आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।
घटना वाले दिन क्या हुआ था? पुलिस तलाश रही जवाब
शिवा शर्मा की मौत को लेकर पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, श्रद्धा का पक्ष रहा है कि शिवा ने आत्महत्या की थी। पुलिस इस दावे और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि शिवा को अस्पताल कब पहुंचाया गया, उनकी हालत उस समय कैसी थी और उपचार के दौरान क्या हुआ। इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि शिवा की मां रंजना जब अस्पताल पहुंचीं, तब श्रद्धा और उसके साथ मौजूद लोग वहां से क्यों चले गए थे।
इन सवालों के जवाब मेडिकल रिकॉर्ड, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से तलाशे जाएंगे। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संबंधित तथ्यों का सत्यापन जरूरी है।
नेपाल जाने और लखनऊ लौटने की वजह की पड़ताल
पुलिस यह भी जानना चाहती है कि शिवा की मौत के बाद श्रद्धा लखनऊ से क्यों गई और नेपाल पहुंचने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं। जांच एजेंसियां उसकी यात्रा, संपर्कों और घटनाक्रम के दौरान हुई गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
इसके अलावा, श्रद्धा के लखनऊ आकर मीडिया के सामने बयान देने और अपने वकील से मिलने के घटनाक्रम को भी जांच के दायरे में रखा जा सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह लखनऊ में वकालतनामे पर हस्ताक्षर करने के बाद नागपुर चली गई थी। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि उसने यह यात्रा क्यों की और इस दौरान किन लोगों से संपर्क में रही।
फिलहाल इन गतिविधियों के पीछे की वजहों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच में सामने आने वाले दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और बयान ही घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट कर सकेंगे।
मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेशी
पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका मेडिकोलीगल परीक्षण किया गया। अस्पताल के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता के अनुसार, पुलिस तीनों को अस्पताल लेकर आई थी। जांच में तीनों स्वस्थ पाए गए।
इसके बाद तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया गया। अदालत में पेशी के दौरान श्रद्धा पुलिसकर्मियों से बातचीत करती नजर आई, जबकि अस्पताल से निकलते समय उसके हाथ जोड़ने का दृश्य भी चर्चा में रहा।
उधर, शिवा शर्मा की मां रंजना मामले की कानूनी कार्रवाई के बारे में जानकारी जुटाती रहीं। वह यह जानने की कोशिश कर रही थीं कि आरोपियों के खिलाफ आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
जांच के अगले चरण में इन सवालों पर रहेगा जोर
शिवा शर्मा हत्याकांड में जांच एजेंसियों के सामने अब घटना के समय की परिस्थितियों, अस्पताल पहुंचने के घटनाक्रम, कथित फरारी और आरोपियों के संपर्कों से जुड़े सवालों को स्पष्ट करने की चुनौती है।
चार मोबाइल फोन से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्य, मेडिकल रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयान जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, फिलहाल किसी भी आरोपी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। मामले में अंतिम निष्कर्ष साक्ष्यों, जांच और अदालत की कार्यवाही के आधार पर ही निकलेगा।








