लखनऊ/19 अक्टूबर 2026। शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां सिद्धिदात्री की आराधना के साथ प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में बीते वर्षों के दौरान हुए बदलावों और सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश अब अराजकता और दंगों की छवि से निकलकर विकास, निवेश और आर्थिक प्रगति की दिशा में आगे बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा, रोजगार, औद्योगिक निवेश, एक्सप्रेसवे और एमएसएमई क्षेत्र में हुए बदलावों को प्रदेश की प्रगति का प्रमुख आधार बताया।
सीएम योगी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की नारीशक्ति अपने सामर्थ्य, संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर प्रदेश की प्रगति एवं समृद्धि में निर्णायक भूमिका निभा रही है। उन्होंने नारी सम्मान के महत्व को रेखांकित करते हुए संस्कृत सूक्ति ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ का भी उल्लेख किया।
सीएम योगी ने बताया, 2017 से पहले कैसा था उत्तर प्रदेश?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में अराजकता का माहौल था और गुंडे-माफिया तथा उपद्रवी तत्व प्रभावी थे। उनके मुताबिक, दंगों और हिंसा की घटनाओं का असर विकास कार्यों पर पड़ता था और पर्व-त्योहारों से पहले भी तनाव की स्थिति बन जाती थी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उस दौर में कई अभिभावक अपनी बेटियों के सुरक्षित भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे। उनके अनुसार, प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधारना और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
2017 के बाद अपराध पर जीरो टॉलरेंस का दावा
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। उन्होंने कानून के शासन यानी ‘रूल ऑफ लॉ’ को मजबूत करने का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान में बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार ने प्रदेश को उपद्रव की छवि से निकालकर उत्सव और विकास की ओर अग्रसर करने के लिए काम किया। उन्होंने दावा किया कि बीते साढ़े नौ वर्षों में महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़ी पहलों ने भी प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में योगदान दिया है।
यूपी की अर्थव्यवस्था में तीन गुना वृद्धि का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जुड़े कई आंकड़े साझा किए। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP), प्रति व्यक्ति आय और बजट लगभग तीन गुना हुआ है। महिला श्रम बल भागीदारी में भी तीन गुना वृद्धि होने की बात कही गई।
सीएम योगी ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश लगातार राजस्व अधिशेष वाला राज्य बना हुआ है। उनके मुताबिक, प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। बड़े कारखानों की संख्या लगभग 14 हजार से बढ़कर 35 हजार होने और निवेश के जरिए 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने का भी दावा किया गया।
इन आंकड़ों को प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल हो रहा है।
एक्सप्रेसवे और डिफेंस कॉरिडोर से विकास को गति
मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 60 प्रतिशत हिस्सा अब प्रदेश में है।
इसके साथ ही डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। सरकार का कहना है कि औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विस्तार से निवेश आकर्षित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिली है।
हालांकि, एक्सप्रेसवे नेटवर्क में प्रदेश की हिस्सेदारी और अन्य आर्थिक आंकड़ों का स्वतंत्र आधिकारिक स्रोतों से मिलान करना जरूरी है, ताकि इन दावों का सटीक संदर्भ स्पष्ट हो सके।
कृषि विकास दर 18 प्रतिशत पहुंचने का दावा
सीएम योगी ने कृषि क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति का दावा किया। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर पहले 8 प्रतिशत थी, जो बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है।
कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में कृषि विकास दर में वृद्धि का दावा किसानों की आय, उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के संदर्भ में अहम है। हालांकि, इस आंकड़े की अवधि और गणना के आधार को स्पष्ट करना आवश्यक है, ताकि वृद्धि का सही आकलन किया जा सके।
साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां, स्टार्टअप की संख्या 24 हजार पार
मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार और उद्यमिता से जुड़ी उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश में साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
स्टार्टअप के क्षेत्र में भी उन्होंने बड़ी वृद्धि का दावा किया। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या 120 से बढ़कर 24 हजार से अधिक हो गई है। सरकार की ओर से इसे युवाओं के बीच उद्यमिता और नए व्यवसायों के विस्तार का संकेत बताया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए औद्योगिक निवेश, कौशल विकास और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना जरूरी है।
एमएसएमई क्षेत्र में तीन करोड़ रोजगार अवसरों का दावा
सीएम योगी ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि पहले कमजोर स्थिति में पहुंच चुके इस क्षेत्र को दोबारा सक्रिय करने के प्रयास किए गए हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, एमएसएमई क्षेत्र के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। इस क्षेत्र में छोटे उद्योगों, स्थानीय कारोबार और पारंपरिक उद्यमों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार और उत्पादन को बढ़ावा मिल सकता है।
‘सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश’ का संकल्प
नवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण को अपने संदेश का प्रमुख हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अपनी क्षमता और आत्मविश्वास के बल पर विकास में निर्णायक योगदान दे रही हैं।
सीएम योगी ने ‘सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
नवरात्रि के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के बीच मुख्यमंत्री का यह संदेश प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आर्थिक विकास और महिला सशक्तीकरण से जुड़े सरकारी दावों पर केंद्रित रहा। इन उपलब्धियों का वास्तविक आकलन संबंधित आधिकारिक आंकड़ों, रोजगार के परिणामों और निवेश परियोजनाओं की प्रगति के आधार पर किया जा सकता है।








