नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। कुछ दिन पहले ट्रंप ने यह कहकर दुनियाभर को चौंका दिया था कि वे भारत पर 25% आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने और रूस से तेल खरीदने पर पेनल्टी लगाएंगे। लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह फैसला अभी अंतिम नहीं है और इस हफ्ते के अंत तक बातचीत से समाधान निकल सकता है।
🇺🇸 ट्रंप का बयान: “भारत सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला देश”
व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने भारत पर निशाना साधते हुए कहा,
“भारत दुनिया के उन देशों में से एक है जो अमेरिका पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाता है – कई बार यह दर 100% से 150% तक भी जाती है। इससे अमेरिका को भारी नुकसान हो रहा है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत रूस से सैन्य उपकरण और तेल खरीदता है, जो यूक्रेन युद्ध के परिप्रेक्ष्य में अमेरिका की रणनीति के विपरीत है।
“भारत हमारा दोस्त, लेकिन…”
हालांकि ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि भारत अमेरिका का मित्र देश है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर उन्होंने लिखा:
“भारत हमारा दोस्त है। प्रधानमंत्री मोदी मेरे अच्छे मित्र हैं। लेकिन भारत हमें बहुत कुछ बेचता है, जबकि हम उनसे कम खरीदते हैं। उनके टैरिफ और व्यापार नियम बहुत सख्त हैं।”
उन्होंने कहा कि 1 अगस्त से भारत पर 25% टैरिफ और रूस से तेल आयात पर पेनल्टी लगाने की संभावना बनी हुई है, लेकिन बातचीत का रास्ता अभी खुला है।
🔗 यह भी पढ़ें
- 🗞️ Dev Deepawali 2025: शिव भजनों की धुन पर थिरकेंगी रोशनी की लहरें, काशी में 200 मीटर ऊंचाई तक होगा Green Crackers शो
- 🗞️ पीएम मोदी ने दी ‘Chhath Puja 2025’ की शुभकामनाएं, बोले— “सादगी और संयम हमारी संस्कृति की पहचान”
- 🗞️ Ind vs Aus 3rd ODI: रोहित-विराट की धमाकेदार जोड़ी ने दिलाई जीत, सिडनी वनडे में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराया
- 🗞️ उत्तर प्रदेश को वैश्विक Pharmacy हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम, जापान की Kansai Pharmaceutical Industries से बैठक
- 🗞️ ‘Cloud Seeding’ दिल्ली के लिए जरूरी, सीएम रेखा बोलीं; जानें बारिश पर क्या कहा पर्यावरण मंत्री ने
भारत की प्रतिक्रिया: ‘हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन राष्ट्रीय हित सर्वोपरि’
ट्रंप के इस बयान पर भारत सरकार की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक:
- भारत इस बयान के असर का मूल्यांकन कर रहा है।
- भारत और अमेरिका के बीच पारदर्शी, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभदायक व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है।
- सरकार ने स्पष्ट किया कि वह अपने किसानों, उद्योगपतियों और MSMEs के हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।
सरकार ने यह भी कहा कि हाल ही में जिस तरह से भारत ने यूके के साथ आर्थिक समझौता किया, उसी तरह राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए अमेरिका से भी व्यवहार किया जाएगा।
🛢️ रूस से तेल खरीद का मुद्दा क्यों है अहम?
भारत ने हाल के वर्षों में रूस से कच्चे तेल की खरीद में बढ़ोतरी की है, खासकर यूक्रेन युद्ध के बाद जब रूसी तेल पर छूट मिल रही थी। अमेरिका और पश्चिमी देशों को यह रुख पसंद नहीं है। ट्रंप इसी बात को आधार बनाकर भारत पर आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।







